कानूनी ईश्वर न्यायाधीश या पुलिस

लेखक-पत्रकार प्रकाश चंद गुप्ता हर जगह, हर समय पुलिस खुद को भगवान समझती है, उदाहरण अधिकतम है, अखबार भरा हुआ है लेकिन यह खबर अभी पूरी नहीं हुई है।पुलिस की भाषा नैतिक नहीं है, वे ऐसा दिखाते हैं मानो कानून या प्रशासन का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।यह बहुत दुखद है कि इसे नियंत्रित करने के लिए कोई कानून नहीं है।                                                                                             अगर कोई कानून है तो उसका इस्तेमाल क्यों…

अरोड़ा परिवार के अदालती चालबाजी से किये अवैध कब्जे पर उठी जांच की मांग

हिन्दुस्तान स्काउटस् के मामले निरस्त मनोज भारद्वाजदिल्ली। शिक्षण क्षेत्र की प्रतिष्ठत सामाजिक संस्था हिन्दुस्तान स्काउटस् व गाइडस् का छह साल से अवैध लोगों द्वारा भी समानान्तर संचालन हो रहा था। मूल मामला रोहणी में 364/2019 था जिसको दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में स्थानीय अदालत ने चलन योग्य नहीं पाया। सेवानिवृति आयु की अनुपालना करने में हुई कथित अनियमितता पर मंत्रालय द्वारा सरकारी अनुदान पर रोक लगा दी…

उचित काउंसलिंग के माध्यम से 03 परिवारो में पति-पत्नी के रिश्ते को आपसी सूझ बुझ से पटरी पर लाया

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के निर्देशानुसार परिवार परामर्श केन्द्र जनपद गोरखपुर की टीम द्वारा प्रार्थीनी 1. गौरी चौधरी पत्नी चंद्रकेश चौधरी 2. सोनकर पत्नी राकेश सोनकर 3. रोमा प्रजापति पत्नी वेद प्रकाश के प्रकरण पर लागातार सतत् काउंसलिंग कर पति-पत्नी के बीच जो भी मनमुटाव हुआ था, पति व पत्नी को समझा बुझाकर फिर से एक किया गया है । ज्ञातव्य हो कि पति-पत्नी हसीं खुशी एवं बिना दबाव…

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