डिजिटल पत्रकारिता, सोशल मीडिया की जवाबदेही दिल्ली हाई कोर्ट सख्त; नियामक ढांचे की क्यों है सख्त जरूरत?

नई दिल्ली। क्या है हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी? दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि आज के दौर में हाथ में मोबाइल और माइक लेकर कोई भी खुद को रिपोर्टर समझने लगा है। कोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता को बरकरार रखते हुए डिजिटल और सोशल मीडिया के लिए एक संतुलित नियामक ढांचे (Regulatory […]

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पति घर और बाहर, दोनों जगह पत्नी से सुरक्षित क्यों नहीं हैं?

वैवाहिक तनाव और मैलअडैप्टिव व्यवहार: जब गलत सोच बन जाती है जानलेवा क्या मीडिया रिपोर्ट महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ाने में मदद करती है या उनकी सुरक्षा में सहायक होती है? कानूनी असंतुलन: भारत में घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए बने कानून (जैसे PWDVA 2005, धारा 498A IPC) केवल महिलाओं के लिए हैं। पुरुषों […]

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