कंपनी आपको असली खुशी क्यों नहीं देना चाहती?

लेखक-पत्रकार प्रकाश चंद गुप्ता क्योंकि अगर जनता अपनी जीवनशैली को अपडेट नहीं करती है तो कंपनी की बिक्री प्रभावित होगी। बाजार मूल्य में वृद्धि या सार्वजनिक मांग में वृद्धि से मानव जीवन शैली में दिन-प्रतिदिन तेजी से सुधार हो रहा है। मुझे लगता है कि मेरी जीवन शैली में सुधार हुआ है, इसलिए मैं इस […]

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कानूनी ईश्वर न्यायाधीश या पुलिस

लेखक-पत्रकार प्रकाश चंद गुप्ता हर जगह, हर समय पुलिस खुद को भगवान समझती है, उदाहरण अधिकतम है, अखबार भरा हुआ है लेकिन यह खबर अभी पूरी नहीं हुई है।पुलिस की भाषा नैतिक नहीं है, वे ऐसा दिखाते हैं मानो कानून या प्रशासन का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।यह बहुत दुखद है कि इसे नियंत्रित […]

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