मातृत्व का झूठ जो कोई सवाल नहीं करना चाहता: समाज ने रचनाकार को कैसे मिटाया और दावेदार को कैसे पूजा
वह सवाल जो कोई पूछने की हिम्मत नहीं करता हम भगवानों की पूजा करते हैं क्योंकि वे हमें बनाते हैं। हम मूर्तिकार के आगे झुकते हैं, मिट्टी के आगे नहीं। हम वास्तुकार की पूजा करते हैं, ईंटों की नहीं। तो जब बात मातृत्व की आती है, तो समाज ठीक उलटा क्यों करता है? रचनाकार छाया […]
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