गोरखपुर: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 के तहत जिले में आयोजित सभी पालियों की परीक्षा सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई है। जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर 72,020 अभ्यर्थियों के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। इनमें करीब 15,000 अभ्यर्थी ऐसे थे जो प्राथमिक या उच्च प्राथमिक दोनों में से किसी एक परीक्षा में शामिल हुए।
परीक्षा से जुड़े मुख्य आंकड़े
कुल परीक्षा केंद्र: 32
कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 72,020
अंतिम दिन उपस्थित परीक्षार्थी: 11,036 (81.4%)
अंतिम दिन अनुपस्थित परीक्षार्थी: 2,522 (18.6%)
प्रशासनिक मुस्तैदी: आला अधिकारियों ने संभाली कमान
परीक्षा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में गोरखपुर का जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कोस्तुभ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
केंद्रों पर औचक निरीक्षण करते प्रशासनिक अधिकारी
पूरे परीक्षा कार्यक्रम की निगरानी अपर जिलाधिकारी नगर गजेन्द्र कुमार और ऑब्जर्वर (पूर्व डीआईजी) वी.पी. श्रीवास्तव ने की। नोडल अधिकारी के तौर पर अपर जिलाधिकारी गजेन्द्र कुमार परीक्षा केंद्रों पर लगातार सक्रिय नजर आए।
नकल मुक्त परीक्षा के लिए कड़े इंतजाम
प्रशासन ने नकल माफियाओं पर रोक लगाने और पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए हाईटेक इंतजाम किए थे:
“सभी 32 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की जा रही थी। प्रश्नपत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ डबल लॉक में रखा गया था। इसके अलावा, अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय सघन जांच हुई और हर केंद्र पर सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे।”
साथ ही, दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों पर पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निर्बाध बिजली और बैठने की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी।
स्मूद यातायात व्यवस्था से मिली राहत
परीक्षा के दिनों में शहर में जाम न बने, इसके लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव अपनी पूरी टीम के साथ सड़कों और प्रमुख परीक्षा केंद्रों के बाहर मुस्तैद रहे। रूट डायवर्जन और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सतर्कता से यातायात सुचारू रहा।वजह से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।




