नई दिल्ली [भारत]
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘बाप’ वाली टिप्पणी करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर पलटवार किया। उन्होंने खड़गे से ऐसी “मर्यादाहीन भाषा” का इस्तेमाल करने से बचने और संयम बरतने को कहा। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए चौहान ने कहा कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस नेता इतने बौखला गए हैं कि वे ऐसी “मर्यादाहीन भाषा” का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के पिता के बारे में की गई टिप्पणी से मुझे बहुत दुख हुआ है। खड़गे जी जैसे व्यक्ति से ऐसी मर्यादाहीन भाषा का इस्तेमाल न करने की उम्मीद की जाती है। भारत के मूल मूल्यों, परंपराओं, संस्कृति और संस्कारों में हमेशा से यही सिखाया गया है कि जो लोग अब हमारे बीच नहीं रहे, उनके प्रति सम्मान दिखाया जाए। हमारे देश में तो दुश्मन के गुजर जाने के बाद भी उनके लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाता।” “लेकिन कांग्रेस पार्टी को क्या हो गया है? वे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो भारतीय सभ्यता, संस्कृति, मूल्यों, परंपराओं, मर्यादा और शालीनता के बिल्कुल खिलाफ है। ऐसा लगता है कि लगातार हार से वे इतने बौखला गए हैं कि उन्हें होश ही नहीं है कि वे क्या कह रहे हैं… ऐसा लगता है जैसे उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। पूरी कांग्रेस पार्टी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या ऐसा व्यक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहने के लायक है। या तो उन्हें उनके पद से हटाया जाए, या फिर पूरी कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए,” बीजेपी नेता ने कहा। यह घटना तब हुई जब बिहार के पटना में श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के समय हंगामा हो गया। भाषण के दौरान, वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस टिप्पणी का जवाब देते हुए खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कांग्रेस की लगातार टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी के माता-पिता और परिवार को निशाना बनाना कभी भी स्वीकार्य नहीं हो सकता। ‘X’ पर एक पोस्ट में धामी ने लिखा, “कांग्रेस की राजनीति अब जनहित के मुद्दों से भटक गई है और केवल व्यक्तिगत अपमान और मर्यादा के उल्लंघन तक सिमट कर रह गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पिता को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी, कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कभी प्रधानमंत्री मोदी जी की पूजनीय माता जी का अपमान करना, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहना, तो कभी उनके साधारण पारिवारिक बैकग्राउंड का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें ‘चायवाला’ कहना—आखिर कांग्रेस की राजनीति कब तक व्यक्तिगत अपमान और अभद्र टिप्पणियों के सहारे चलती रहेगी?” पोस्ट में आगे कहा गया, “लगातार चुनावी हार के बावजूद, जनहित के मुद्दों पर आत्म-मंथन करने के बजाय, कांग्रेस ने अपनी राजनीति का आधार ही व्यक्तिगत हमलों को बना लिया है। लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध की गुंजाइश तो होती है, लेकिन किसी के माता-पिता और परिवार को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।”
