कानूनी ईश्वर न्यायाधीश या पुलिस
लेखक-पत्रकार प्रकाश चंद गुप्ता हर जगह, हर समय पुलिस खुद को भगवान समझती है, उदाहरण अधिकतम है, अखबार भरा हुआ है लेकिन यह खबर अभी पूरी नहीं हुई है।पुलिस की भाषा नैतिक नहीं है, वे ऐसा दिखाते हैं मानो कानून या प्रशासन का उन पर कोई नियंत्रण नहीं है।यह बहुत दुखद है कि इसे नियंत्रित […]
Continue Reading