नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। जंतर-मंतर पर छात्रों और अभ्यर्थियों के जारी आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संसद परिसर से लेकर जंतर-मंतर तक विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
गृह मंत्रालय का एक्शन: बाहरी राज्यों के बल और बुलेटप्रूफ गाड़ियों की तैनाती
जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली में स्थिति पर नियंत्रण पाने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है:
- अन्य राज्यों एवं अर्धसैनिक बलों की तैनाती: दिल्ली पुलिस के साथ-साथ गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), जैसे CRPF और BSF, तथा पड़ोसी राज्यों की विशेष पुलिस टुकड़ियों को जंतर-मंतर और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया है।
- बुलेटप्रूफ वैन और वज्र वाहन: जंतर-मंतर और संसद के आसपास के रास्तों पर बुलेटप्रूफ गाड़ियों, दंगा रोधी वाहनों (Vajra Vehicles) और वाटर कैनन की तैनाती की गई है, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है।
- सुरक्षा बलों के कड़े कदम पर सवाल: विपक्षी दलों और आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया जा रहा है और भारी सुरक्षा घेरा बनाकर अभ्यर्थियों की आवाज़ को बंद करने की कोशिश की जा रही है।
सरकार के प्रशासनिक और कानूनी कदम
सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के साथ-साथ सरकार ने कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर निम्नलिखित दावे किए हैं:
- फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार ने भरोसा दिया है कि पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) गठित किए जाएंगे।
- CBI जांच में तेजी: सीबीआई द्वारा दर्ज मामलों के तहत कई राज्यों से पेपर लीक गिरोह के मास्टरमाइंड्स और दलालों की गिरफ्तारियां जारी हैं।
- कड़ा कानून लागू: ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम’ के तहत अपराधियों पर भारी जुर्माना और गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
❓ सरकार से पूछे जा रहे 5 तीखे सवाल
- छात्रों के खिलाफ इतना कड़ा सुरक्षा घेरा क्यों?: सत्याग्रह और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बुलेटप्रूफ गाड़ियों और बाहरी सुरक्षा बलों को तैनात करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- जवाबदेही किसकी?: NTA और शिक्षा मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक सीधी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- संसद में चर्चा से परहेज क्यों?: विपक्ष द्वारा लगातार उठाई जा रही मांग के बावजूद सरकार सदन में इस पर पूर्ण चर्चा क्यों नहीं करा रही?
- मानसिक और वित्तीय नुकसान की भरपाई कैसे?: परीक्षाओं के रद्द होने और कानूनी लड़ाइयों में फंसे लाखों युवाओं के समय और भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- CBT मॉडल लागू करने में देरी क्यों?: पेन-पेपर आधारित OMR मोड में गड़बड़ी के बाद परीक्षा प्रणाली में तत्काल ढांचागत सुधार क्यों नहीं किए जा रहे?
