डिजिटल स्क्रीन से बच्चों की आंखों को क्या हैं खतरे?
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. अमित मित्तल ने बताया कि गैजेट्स पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों में ये लक्षण आम होते जा रहे हैं:
आंखों में थकान और सूखापन (Dry Eyes)
लगातार सिरदर्द और धुंधला दिखाई देना
ध्यान केंद्रित (Concentration) करने में परेशानी होना
कम उम्र में ही मोटा चश्मा लग जाना
गोरखपुर। बच्चों में बढ़ते मोबाइल, टैबलेट और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से आंखों की बीमारियां बेहद तेजी से बढ़ रही हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए गोरखपुर के मित्तल आई हॉस्पिटल में आगामी 10 जुलाई को बच्चों के लिए एक विशेष निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इस संबंध में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित मित्तल ने अभिभावकों से बच्चों की आंखों की सुरक्षा के प्रति सजग होने और नियमित जांच कराने की अपील की।शिविर में क्या-क्या जांचें होंगी बिल्कुल फ्री?
इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बच्चों की निम्नलिखित जांचें और परामर्श मुफ्त दिए जाएंगे:
दृष्टि परीक्षण (Vision Test) और चश्मे की आवश्यकता की जांच।
भेंगापन (Squint) की समस्या का आकलन।
आलसी आंख (Lazy Eye/Amblyopia) व अन्य बाल नेत्र रोगों की पहचान।
जरूरत पड़ने पर उचित उपचार और दवाइयों का सही परामर्श।
डॉक्टर की सलाह: अभिभावक इन 5 बातों का रखें खास ध्यान!
नो मोबाइल: 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन बिल्कुल न दें।
स्क्रीन टाइम: बड़े बच्चों के लिए गैजेट्स इस्तेमाल करने का समय (Screen Time) तय और सीमित करें।
पर्याप्त रोशनी: बच्चों की पढ़ाई के स्थान पर हमेशा पर्याप्त और सही रोशनी होनी चाहिए।
20-20-20 नियम: पढ़ाई या स्क्रीन देखते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें।
आउटडोर गेम्स: बच्चों को वर्चुअल गेमिंग के बजाय बाहर मैदान में खेलकूद के लिए प्रेरित करें।
“अगर आप भी अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य और उनकी अनमोल आंखों की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हैं, तो 10 जुलाई को बेतियाहाता स्थित मित्तल आई हॉस्पिटल में आयोजित इस निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का लाभ उठाना न भूलें। समय रहते की गई जांच, आपके बच्चे को चश्मे और गंभीर रोगों से बचा सकती है। राप्ती न्यूज!”
गोरखपुर में 10 जुलाई को लगेगा ‘निःशुल्क बाल नेत्र जांच शिविर’




